प्रेम एक कर्ज

अरे जनाब …जीवन साथी बन कर थोड़े ही ना प्यार की किस्ते चुकाई जाती है।ये तोअहसासों की वो किस्ते है जो जन्म जन्मांतर तक साथ चलने वाला कभी न चुकने वाले कर्ज के लिए ली होती है।।

प्रेमी आपको छोड़ सकता है जनाब पर प्रेम नहीं ॥

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